हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के चैल चौक क्षेत्र में एक मेडिकल स्टोर संचालक उस समय हैरान रह गया जब उसे बिजली विभाग की ओर से भारी-भरकम बिल थमा दिया गया। गोहर उपमंडल के तहत आने वाले इस इलाके में लगे स्मार्ट मीटर की रीडिंग ने एक छोटे व्यापारी को परेशानी में डाल दिया है।
अभिलाषी अस्पताल के पास स्थित करण मेडिकल स्टोर को बिजली विभाग की तरफ से एक महीने का 92,746 रुपये का बिल भेजा गया है। इतना बड़ा बिल सामने आने के बाद यह मामला अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
अचानक आया भारी बिल, दुकानदार परेशान
मेडिकल स्टोर संचालक के अनुसार, उनकी दुकान में सामान्य बिजली उपकरण ही चलते हैं। कुछ लाइटें, पंखे और दवाइयों को सुरक्षित रखने के लिए एक फ्रिज के अलावा कोई बड़ी मशीन नहीं है।
ऐसी स्थिति में लगभग 93 हजार रुपये का बिल आना उनके लिए समझ से परे है। दुकानदार ने बिजली विभाग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि का हिसाब आखिर किस आधार पर लगाया गया है। उनका कहना है कि यदि यही स्थिति रही तो दुकान की कमाई का बड़ा हिस्सा सिर्फ बिजली बिल चुकाने में ही चला जाएगा।
स्मार्ट मीटर को लेकर बढ़ा लोगों का आक्रोश
इस घटना के बाद इलाके के लोगों में स्मार्ट मीटर को लेकर नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इतनी बड़ी रकम का बिल आने के पीछे तकनीकी खराबी या मीटर रीडिंग में गलती भी हो सकती है।
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि कई बार पुराने बकाया के गलत समायोजन या बिजली लोड के गलत आकलन के कारण भी इस तरह के बिल सामने आ जाते हैं।
बिल सुधार की मांग
फिलहाल, मेडिकल स्टोर संचालक ने बिजली विभाग से इस बिल की जांच कर सही करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो यह उनके छोटे कारोबार के लिए बड़ा आर्थिक संकट बन सकता है। यह मामला सामने आने के बाद अब लोग स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाने लगे हैं।