ड्राइविंग के दौरान AC चलाते समय भूलकर भी न करें ये बड़ी गलतियां! वरना बढ़ेगा खर्च दोगुना
Himachali Khabar: गर्मी के दिनों में कार में बैठते ही AC चालू करना लगभग हर ड्राइवर की आदत होती है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका सही इस्तेमाल न करने से फ्यूल खपत और इंजन पर असर पड़ सकता है. सही तरीके अपनाकर आप न सिर्फ केबिन को जल्दी ठंडा कर सकते हैं, बल्कि माइलेज भी बेहतर रख सकते हैं.

खिड़कियां बंद करके AC चालू करें
सबसे पहले, अगर आपकी कार धूप में खड़ी रही है, तो अंदर का तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है. ऐसे में कार स्टार्ट करते ही AC को फुल स्पीड पर चलाना सही तरीका नहीं है. बेहतर होगा कि पहले सभी खिड़कियां खोलकर ब्लोअर को तेज स्पीड पर 12 मिनट तक चलाएं, ताकि अंदर की गर्म हवा बाहर निकल जाए. इसके बाद खिड़कियां बंद करके AC चालू करें. इससे कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता और कूलिंग तेजी से होती है.
AC सेटिंग्स का भी सही होना जरूरी है
AC सेटिंग्स का भी सही होना जरूरी है. कई लोग सोचते हैं कि कम तापमान रखने से ज्यादा ठंडक और कम पेट्रोल खर्च होगा, जबकि सच्चाई इसके उलट है. अगर आपकी कार में ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल है, तो तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना संतुलित माना जाता है. वहीं मैनुअल AC में ब्लोअर को मध्यम स्तर (2 या 3) पर रखना बेहतर रहता है. बहुत कम तापमान सेट करने से कंप्रेसर लगातार चलता है, जिससे फ्यूल खपत बढ़ जाती है.
री-सर्कुलेशन मोड का इस्तेमाल
री-सर्कुलेशन मोड का उपयोग भी काफी फायदेमंद होता है. ये फीचर केबिन की ठंडी हवा को बार-बार घुमाता है और बाहर की गर्म हवा को अंदर आने से रोकता है. इससे AC को कम मेहनत करनी पड़ती है और माइलेज पर सकारात्मक असर पड़ता है.
– ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
एयर फिल्टर की सफाई भी बेहद जरूरी है
इसके अलावा, AC चलाते समय खिड़कियां या दरवाजे हल्के से भी खुले न छोड़ें. ऐसा करने से ठंडी हवा बाहर निकलती रहती है और इंजन पर ज्यादा लोड पड़ता है. साथ ही, एयर फिल्टर की सफाई भी बेहद जरूरी है. गंदा फिल्टर कूलिंग को प्रभावित करता है, जिससे AC की सेटिंग बढ़ानी पड़ती है और ईंधन ज्यादा खर्च होता है.