खुल गया होर्मुज स्ट्रेट… ईरान के विदेश मंत्री का ऐलान, जानें ट्रंप ने क्या कहा

Himachali Khabar: होर्मुज स्ट्रेट आखिरकार पूरी तरह से खुल गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसकी घोषणा की है. उन्होंने कहा कि अब सभी जहाज आराम से होर्मुज से गुजर सकेंगे. लेबनान में सीजफायर के बाद हमने यह फैसला किया है. अमेरिकी हमले को कुंद करने के लिए 6 मार्च को ईरान ने होर्मुज को ब्लॉक कर दिया था. ईरान के इस ऐलान पर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भी रिएक्शन आया है.

खुल गया होर्मुज स्ट्रेट… ईरान के विदेश मंत्री का ऐलान, जानें ट्रंप ने क्या कहा
खुल गया होर्मुज स्ट्रेट… ईरान के विदेश मंत्री का ऐलान, जानें ट्रंप ने क्या कहा

ट्रंप ने एक पोस्ट में लिखा, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह से खुला है लेकिन नौसैनिक नाकाबंदी केवल ईरान के संबंध में ही पूरी तरह से लागू और प्रभावी रहेगी. ये तब तक रहेगी जब तक कि ईरान के साथ हमारा लेन-देन 100% पूरा नहीं हो जाता. यह प्रक्रिया बहुत तेज़ी से आगे बढ़नी चाहिए क्योंकि इसके अधिकांश बिंदुओं पर पहले ही बातचीत हो चुकी है.

तब तक सभी जहाज होर्मुज से गुजर सकेंगे

इससे पहले एक पोस्ट में ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने कहा- जब तक अस्थाई सीजफायर है, तब तक होर्मुज से सभी वाणिज्यिक जहाज आसानी से गुजर सकेंगे. सभी जहाज ईरान के इस्लामी गणराज्य के बंदरगाह और समुद्री संगठन द्वारा पहले से घोषित समन्वित मार्ग से होकर गुजर सकेंगे.

ईरान ने क्यों लिया होर्मुज खोलने का फैसला?

1. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 दिन पहले होर्मुज से नाकाबंदी हटाने की घोषणा की थी. ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि चीन से मेरी बात हुई है. हम नाकाबंदी हटाएंगे. ईरान ने होर्मुज को लेकर हमारी बात मान ली है. चीन ने भी हमारी बात मान ली है. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai

2. ईरान पर सीजफायर को आगे बढ़ाने के लिए होर्मुज खोलने का दबाव था. अमेरिका का कहना था कि सीजफायर पर बात तभी बढ़ेगी, जब तक ईरान होर्मुज नहीं खोलेगा. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को आगे बढ़ाने की सहमति बन गई है. इसी कवायद के तहत होर्मुज को खोला गया है.

3. ईरान पर होर्मुज खोलने का दबाव था. होर्मुज को खुलवाने को लेकर पेरिस में 40 देशों की एक मीटिंग प्रस्तावित है. इस मीटिंग में फ्रांस-ब्रिटेन जैसे देशों के नेता शामिल होंगे. ईरान वर्तमान में एक साथ इतने देशों से दुश्मनी मोल नहीं ले सकता है.

4. ओमान ने पिछले दिनों टोल लेने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था. ओमान का कहना था कि जो रास्ता नैचुरल है, उससे कैसे टोल लिया जा सकता है. इसके बाद ईरान पर दबाव बढ़ गया.

होर्मुज पूरी दुनिया के लिए क्यों अहम है?

होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच एक संकरा रास्ता है. इस रास्ते से पूरी दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल सप्लाई होती है. कतर, सऊदी, यूएई, इराक, बहरीन जैसे देश इसी रास्ते से अपना तेल दुनिया को बेचता है. 34 किमी लंबे इस रास्ते पर ईरान का कंट्रोल है.

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