भारत आए जेलेंस्की के ‘दूत’, विदेश मंत्री जयशंकर और डोभाल से क्या हुई बात?

Himachali Khabar: यूक्रेन के नेशनल सिक्योरिटी और डिफेंस काउंसिल के सेक्रेटरी रुस्तम उमेरोव 17 अप्रैल को भारत दौरे पर हैं. उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोभाल के साथ अलग-अलग, हाई-स्टेक मीटिंग की. इसमें संघर्ष से जूझ रहे देश में ‘स्थायी शांति लाने’ की संभावनाओं पर बात हुई. उमेरोव को प्रेसिडेंट वोलोडिमिर जेलेंस्की का करीबी माना जाता है. डोभाल के साथ अपनी बातचीत में यूक्रेनी अधिकारी ने ‘फ्रंटलाइन’ पर मौजूदा हालात के बारे में डिटेल में जानकारी दी. इस मीटिंग में भारतीय पक्ष ने बातचीत और डिप्लोमेसी के जरिए यूक्रेन संघर्ष का शांतिपूर्ण हल निकालने की पर जोर दिया. साथ ही भारत की सैद्धांतिक स्थिति को दोहराया.

भारत आए जेलेंस्की के ‘दूत’, विदेश मंत्री जयशंकर और डोभाल से क्या हुई बात?
भारत आए जेलेंस्की के ‘दूत’, विदेश मंत्री जयशंकर और डोभाल से क्या हुई बात?

एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा की और यूक्रेन संघर्ष पर दोनों देशों के बातचीत हुई. उमेरोव ने कहा कि उन्होंने और विदेश मंत्री ने सीमा पर मौजूदा स्थिति, बातचीत की प्रगति और यूक्रेन के लिए जो भी सही है उसको लेकर स्थायी और टिकाऊ शांति हासिल करने की संभावनाओं पर चर्चा की.

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के विकास और अगस्त 2024 में कीव में राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बातचीत के बाद दोनों की तरफ से जो संयुक्त बयान जारी किए गए थे, उसमें बताए गए समझौतों को लागू करने पर भी विचार-विमर्श किया.

दोनों पक्षों को और मजबूत करने की बढ़ीं उम्मीदें

उमेरोव ने सोशल मीडिया X पर कहा कि मैं इस खुली और सार्थक बातचीत के लिए आभारी हूं. हम द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की उम्मीद करते हैं. उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यूक्रेन के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी की NSA डोभाल के साथ हुई बैठक के बारे में कुछ जानकारी शेयर की. दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष पर चर्चा की.

NSA ने भारत के सैद्धांतिक रुख और बातचीत तथा कूटनीति के ज़रिए शांतिपूर्ण समाधान पर भारत के रुख को एक बार फिर से दोहराया. उमेरोव ने कहा कि उन्होंने और डोभाल ने द्विपक्षीय संबंधों के विकास और सुरक्षा स्थिति के आकलन पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि भारतीय पक्ष ने बातचीत और कूटनीति पर आधारित शांतिपूर्ण समाधान की जरूरत पर अपने लगातार बने हुए रुख को फिर से दोहराया.

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