ईरान जंग से क्यों खतरे में यूरोप? ब्रिटेन तक की बढ़ गई टेंशन
Himachali Khabar: ईरान युद्ध के कारण यूके और पूरे यूरोप में आतंकवादी हमलों का खतरा बढ़ गया है. एक नई सुरक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि यह युद्ध अब शैडो वॉर का रूप ले सकता है. इसका मतलब है कि सीधे युद्ध की जगह छोटे-छोटे हमले हो सकते हैं, जैसे कि आगजनी, ड्रोन हमला या लोगों और समूहों पर हिंसा. यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है, जब इजराइल और लेबनान के बीच 10 दिन का संघर्ष विराम चल रहा है, जो अभी कमजोर स्थिति में है.

इसी दौरान लेबनान के एक पार्क में पुलिस ने संदिग्ध सामान की जांच की. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें दावा किया गया कि इजराइली एम्बैसी पर खतरनाक ड्रोन से हमला हुआ है. हालांकि यह दावा गलत निकला, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
IRGC पर हमले की प्लानिंग का आरोप
रिपोर्ट में कहा गया है कि की सेना से जुड़ा इस्लामी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) यूरोप और ब्रिटेन में अपने समर्थक समूहों के जरिए हमले करवा सकता है. इसके लिए आपराधिक गिरोहों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि हमलों का पता लगाना मुश्किल हो. ऐसे हमलों का निशाना अमेरिका, यहूदी समुदाय और इजराइल से जुड़े लोग या संस्थान हो सकते हैं.
यह रिपोर्ट द सूफान ग्रुप ने तैयार की है. यह एक ग्लोबल इंटेलिजेंस और सिक्योरिटी कन्सल्टेंसी है, जिसके मुखिया अली सूफान हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे हमले कम खर्च में किए जा सकते हैं, लेकिन उनका असर बहुत बड़ा होता है, क्योंकि ये लोगों में डर फैलाते हैं.
ब्रिटेन में धार्मिक हिंसा में इजाफा
ब्रिटेन में पहले से ही यहूदी विरोधी घटनाएं बढ़ रही हैं. हाल ही में उत्तरी लंदन में यहूदी समुदाय की एंबुलेंस सेवा की चार गाड़ियों में आग लगा दी गई थी, जिसे पुलिस ने यहूदी विरोधी हमला बताया. केंसिंग्टन गार्डन में संदिग्ध सामान मिलने के बाद पूरे इलाके को बंद कर दिया गया था. पुलिस की विशेष टीम ने मौके से नमूने लेकर जांच की. इलाके में काम करने वाले सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि ईरान युद्ध के कारण वे पहले से ज्यादा सतर्क हो गए हैं.