माइलेज से लेकर कंट्रोल तक: टायर प्रेशर बराबर रखना क्यों जरूरी, जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह
Himachali Khabar: अधिकतर लोग टायर में हवा तभी चेक करते हैं जब कोई समस्या हो जाती है, लेकिन सही टायर प्रेशर रखना बहुत जरूरी होता है. इससे गाड़ी चलाने में आसानी होती है, सुरक्षा बढ़ती है और खर्च भी कम होता है. खासकर एक ही एक्सल (आगे या पीछे) के दोनों टायरों में हवा बराबर होना बहुत जरूरी है.

बैलेंस टायर प्रेशर का मतलब क्या है?
बैलेंस का मतलब ये नहीं है कि चारों टायरों में बिल्कुल एक जैसी हवा हो. कई गाड़ियों में आगे और पीछे के टायरों का प्रेशर अलग होता है. लेकिन एक ही तरफ के दोनों टायर (जैसे आगे बाएं और आगे दाएं) में हवा बराबर होनी चाहिए. अगर एक टायर में हवा कम होगी, तो गाड़ी एक तरफ खिंचने लगेगी.
सेफ्टी के लिए क्यों जरूरी है?
सही टायर प्रेशर आपकी सुरक्षा से जुड़ा होता है. अगर किसी एक टायर में हवा कम है, तो ब्रेक लगाते समय या मोड़ लेते समय गाड़ी का बैलेंस बिगड़ सकता है. इमरजेंसी में गाड़ी को कंट्रोल करना मुश्किल हो सकता है. कम हवा होने से टायर ज्यादा गर्म होता है, जिससे तेज स्पीड पर टायर फटने का खतरा बढ़ जाता है.
माइलेज और खर्च पर असर
कम हवा वाले टायर सड़क पर ज्यादा रगड़ पैदा करते हैं. इससे इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और फ्यूल ज्यादा खर्च होता है. थोड़ी सी भी कमी से 2-5% तक माइलेज कम हो सकता है, जिससे समय के साथ आपका खर्च बढ़ता है.
टायर की उम्र बढ़ती है
गलत प्रेशर से टायर जल्दी घिसते हैं. कम हवा होने पर टायर के किनारे घिसते हैं, जबकि ज्यादा हवा होने पर बीच का हिस्सा जल्दी खराब होता है. इससे टायर की लाइफ कम हो जाती है.
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सस्पेंशन और आराम पर असर
अगर टायर का प्रेशर बराबर नहीं है, तो गाड़ी के सस्पेंशन पर दबाव बढ़ता है. इससे गाड़ी चलाते समय झटके ज्यादा लगते हैं और आराम कम हो जाता है. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
सही प्रेशर कैसे रखें?
हर महीने टायर की हवा चेक करें. हमेशा ठंडे टायर में प्रेशर मापें, यानी गाड़ी चलाने से पहले. कंपनी द्वारा बताए गए प्रेशर को ही फॉलो करें, जो आमतौर पर गाड़ी के दरवाजे पर लिखा होता है. टायर पर लिखे मैक्स प्रेशर को न मानें.
एक जरूरी बात
कई लोग टायर प्रेशर और व्हील बैलेंसिंग को एक जैसा समझते हैं, जबकि ये अलग चीजें हैं. टायर प्रेशर हवा से जुड़ा है और व्हील बैलेंसिंग वजन के संतुलन से.