Explained: क्या ‘गंगा एक्सप्रेस-वे’ पर काम करेगा FASTag Annual Pass या अलग से देना होगा टोल? जानें सभी सवालों के जवाब
Himachali Khabar: उत्तर प्रदेश के मेरठ को प्रयागराज से जोड़ने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे 29 अप्रैल से शुरू हो गया है. इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया. यह एक्सप्रेस-वे राज्य के 12 जिलों से होकर गुजरता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब मेरठ से प्रयागराज का सफर काफी आसान और तेज हो गया है. पहले सड़क मार्ग से यह दूरी तय करने में करीब 10-12 घंटे लगते थे, लेकिन एक्सप्रेस-वे शुरू होने के बाद यह समय घटकर लगभग 6-7 घंटे रह जाएगा. हालांकि, इस एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करने के लिए टोल देना होगा. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यहां FASTag का एनुअल पास काम करेगा या फिर अलग से टोल भुगतान करना होगा?

गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने किया है. इसकी रिपोर्ट के अनुसार, यह एक्सप्रेस-वे मेरठ जिले के बिजौली गांव के पास NH-334 (मेरठ-बुलंदशहर हाईवे) से शुरू होता है और प्रयागराज बाईपास (NH-19) के पास जुदापुर डांडो गांव पर खत्म होता है. इसकी कुल लंबाई करीब 594 किमी है.
यह एक्सप्रेस-वे 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज से होकर गुजरता है. इसे 12 हिस्सों में बांटा गया है, जिनमें हर पैकेज करीब 49 से 53 किमी लंबा है.
टोल प्लाजा और क्लोज्ड टोल सिस्टम
इस एक्सप्रेस-वे पर 2 मुख्य टोल प्लाजा (मेरठ और प्रयागराज) और 19 छोटे टोल प्लाजा (एंट्री-एग्जिट पॉइंट्स पर) बनाए गए हैं. यहां ‘क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम’ लागू होगा. इस सिस्टम में वाहन को सिर्फ दो बार रुकना होता है. एक बार एंट्री के समय और दूसरी बार एग्जिट के समय. टोल उसी दूरी के हिसाब से लिया जाता है, जितना आपने सफर किया. इससे बार-बार रुकने की जरूरत नहीं पड़ती और ईंधन की भी बचत होती है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कार के लिए टोल करीब 2.55 रुपये प्रति किलोमीटर हो सकता है. यानी पूरे रास्ते के लिए लगभग 1500 रुपये तक खर्च आ सकता है. हालांकि, सरकार ने अभी आधिकारिक दरें घोषित नहीं की हैं.
गंगा एक्सप्रेस-वे मैप और टोल
क्या एनुअल FASTag पास करेगा काम?
अब सवाल है कि क्या गंगा एक्सप्रेस-वे पर FASTag का एनुअल पास काम करेगा? जैसा कि बताया गया है, इस एक्सप्रेस-वे का निर्माण और संचालन UPEIDA द्वारा किया जा रहा है, जैसे ‘यमुना एक्सप्रेस-वे’ पर होता है. ध्यान रहे कि एनुअल FASTag पास केवल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के तहत आने वाले नेशनल हाईवे और एक्सप्रेस-वे पर ही लागू होता है. इसका मतलब है कि अगर आपके पास FASTag एनुअल पास है और आप गंगा एक्सप्रेस-वे पर यात्रा करते हैं, तो आपको अलग से FASTag बैलेंस रखना होगा.
एनुअल FASTag पास क्या है?
एनुअल FASTag पास NHAI की ओर से निजी वाहनों जैसे कार, वैन और जीप के लिए शुरू किया गया एक प्रीपेड सालाना टोल पास है. इसकी कीमत ₹3,075 (1 अप्रैल 2026 से लागू) रखी गई है. इस पास के जरिए आप राष्ट्रीय राजमार्गों पर बिना बार-बार रिचार्ज किए आसानी से सफर कर सकते हैं. यह पास 1 साल या 200 टोल क्रॉसिंग (जो भी पहले हो) तक वैध रहता है. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
गंगा एक्सप्रेस-वे की स्पीड लिमिट
यह एक्सप्रेस-वे 6-लेन का है, जिसे भविष्य में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है. इसकी डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा रखी गई है. सभी बड़े पुल और अंडरपास पहले से ही 8-लेन के हिसाब से बनाए गए हैं, जिससे भविष्य में विस्तार आसान रहेगा. इसका राइट ऑफ वे (चौड़ाई) 120 मीटर है.
पूरे एक्सप्रेस-वे पर 18 बड़े एक्सेस पॉइंट बनाए गए हैं, जहां से यह नेशनल और स्टेट हाईवे से जुड़ता है. इनमें ट्रंपेट और डायमंड जैसे इंटरचेंज शामिल हैं. साथ ही, इसका एक खास कनेक्शन आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से भी दिया गया है, जिससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी.