ईरान की जेल में बंद नोबेल पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की हालत नाजुक, कार्डियक अरेस्ट के बाद अस्पताल में भर्ती
Himachali Khabar: ईरान की जेल में बंद नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, हालांकि उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. नरगिस को कार्डियक क्राइसिस के बाद उत्तर-पश्चिमी ईरान के ज़ंजन शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनके फाउंडेशन ने यह जानकारी दी.

उनके फाउंडेशन और परिवार ने कहा कि ईरान का खुफिया मंत्रालय उनके अपने डॉक्टरों द्वारा इलाज के लिए उन्हें तेहरान स्थानांतरित करने का विरोध कर रहा था. 50 साल की नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मोहम्मदी को शुक्रवार को दिल का दौरा पड़ने और बेहोशी के बाद उत्तर-पश्चिम में ज़ंजन के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया. उनके परिवार ने बताया कि दिसंबर में गिरफ्तारी के दौरान हुई पिटाई के कारण उनकी सेहत बिगड़ रही थी.
जेल में दो बार बेहोश हुईं मोहम्मदी
नरगिस मोहम्मदी फाउंडेशन के मुताबिक, मोहम्मदी को दो बार बेहोशी और दिल से जुड़ी एक गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा. फाउंडेशन ने बताया कि शुक्रवार को मोहम्मदी जंजन शहर की जेल में दो बार बेहोश हो गईं थीं. इसके बाद उन्हें मेडिकल यूनिट में रखा गया और फिर ऑक्सीजन सपोर्ट पर अस्पताल भेजा गया. डॉक्टरों का कहना है कि बेहतर इलाज के लिए उन्हें तेहरान के बड़े अस्पताल में भेजना जरूरी हो सकता है.
वकीलों ने बताई नरगिस की हालत
फाउंडेशन ने बताया कि नरगिस के वकीलों ने मार्च के आखिर में उनसे मुलाकात के बाद बताया था कि उन्हें संभवतः दिल का दौरा पड़ा था. उस समय वह कमजोर दिख रही थीं, उनका वजन कम हो गया था और चलने के लिए नर्स की मदद की ले रही थी. फाउंडेशन ने कहा कि 12 दिसंबर को गिरफ्तारी के बाद से 140 दिनों तक उन्हें सही इलाज नहीं दिया गया. जबक जेल के डॉक्टरों ने पहले ही सलाह दी थी कि नरगिस का इलाज जेल में नहीं किया जा सकता है. डॉक्टरों ने उनका इलाज तेहरान में विशेषज्ञ टीम से करवाने को कहा था.
नरगिस मोहम्मदी के परिवार ने हफ्तों से उन्हें अच्छा इलाज देने के लिए अस्पताल भेजने की वकालत की थी. फाउंडेशन ने परिवार के हवाले से कहा कि शुक्रवार को जंजन के एक अस्पताल में उनको भर्ती कराया जाना बहुत देरी से लिया गया फैसला और आखिरी समय में उठाया गया कदम लग रहा है.
सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई
24 मार्च को नरगिस मोहम्मदी को उनकी साथी कैदियों ने बेहोश पाया था. उन्होंने अपने वकीलों से कुछ दिनों बाद हुई मुलाकात में ये बताया था. जेल के क्लिनिक में बाद की जांच में एक डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें शायद दिल का दौरा पड़ा था, तब से उन्हें सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी. फ्रांस में उनके कानूनी प्रतिनिधि ने उस समय कहा था कि मोहम्मदी को अस्पताल में भर्ती कराने और अपने हृदय रोग विशेषज्ञ से मिलने से मना कर दिया गया था. मोहम्मदी के वकीलों के साथ मुलाकात के दौरान एक जेल अधिकारी मौजूद था.
परिवार का आरोप
उनके परिवार ने फरवरी में बताया था कि जेल में नरगिस मोहम्मदी की सेहत बिगड़ रही है, जिसका एक कारण दिसंबर में गिरफ्तारी के दौरान हुई मारपीट है. परिवार ने बताया कि कई लोगों ने उनके पेट, सिर और गर्दन पर लात-घूंसे मारे. नोबेल समिति ने भी एक बयान में मोहम्मदी के साथ हो रहे लगातार जानलेवा दुर्व्यवहार की निंदा की थी.
2023 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था
नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था. उन्हें यaह सम्मान ईरान में महिलाओं के अधिकारों और फांसी की सजा के खिलाफ उनके लंबे अभियान के लिए दिया गया था. जब उन्हें यह पुरस्कार मिला,तब भी वह जेल में ही थीं. फिलहाल वह साढ़े सात साल की नई सजा काट रही हैं. पिछले कुछ दिनों से उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी. उन्हें हाई ब्लड प्रेशर, उल्टी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो रही थीं. उनकी पहले भी तीन बार एंजियोप्लास्टी हो चुकी है, जिससे साफ है कि उनकी हार्ट कंडीशन पहले से कमजोर है. इसी वजह से उनकी हालत को लेकर चिंता जताई जा रही है. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai