होर्मुज में भारतीय टैंकर पर फायरिंग, MEA ने लिया कड़ा एक्शन, ईरानी राजदूत को किया समन
Himachali Khabar: होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारी जहाजों पर फायरिंग हुई है. ये फायरिंग ईरानी नेवी ने की, जिसमें एक भारतीय जहाज पर गोली चलाई थी. इस मुद्दे पर MEA में ईरानी राजदूत को समन किया गया है. सरकार ने समन कर भारतीय टैंकर पर हमले का विरोध जताने का संदेश दिया है. बताया जा रहा है कि भारतीय जहाज पर यह हमला ओमान के पास हुआ है. वहीं, भारत के इस सख्त रुख के तुंरत बाद ईरान के राजदूत मोहम्मद फथअली विदेश मंत्रालय पहुंच गए हैं.

होर्मुज स्ट्रेट में इराक से लेकर तेज लेकर दो जहाजों पर हमले की बात सामने आई है. ईरान की नेवी ने भारतीय जहाज पर गोली चलाई है. इसे लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक्शन लेते हुए ईरानी राजदूत को समन भेजा है. सूत्रों के अनुसार, MEA ने होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय जहाज पर हुए हमले को लेकर चिंता जाहिर की. इस मामले में मंत्रालय ने ईरानी राजदूत डॉ. मोहम्मद फथली को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया है. जहाजों पर टैंकरों में करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लदा है. घटना के बाद क्षेत्र में स्थिति और तनावपूर्ण हो गई है. यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पहले से ही अमेरिका और ईरान के बीच टकराव जारी है और होर्मुज क्षेत्र अत्यधिक संवेदनशील बना हुआ है. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
ईरान में युद्ध की वजह से कंफ्यूजन की स्थिति
यह विशाल तेल टैंकर होर्मुज के पास से गुजर रहा था तभी उस पर फायरिंग की गई. हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है. वहीं, सूत्र बताते हैं कि इस समय ईरान में युद्ध की वजह से कंफ्यूजन की स्थिति है. ईरान की अलग-अलग सेनाएं और इकाइयां एक-दूसरे से पूरी तरह समन्वय में नहीं काम कर रही हैं. इसी वजह से ये हो रहा है. इससे पहले अमेरिका की तरफ से भी इस युद्ध में अपने ही जहाजों या सहयोगियों पर गलती से फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं.
ईरान ने फिर से बंद किया होर्मुज स्ट्रेट
इससे पहले शनिवार सुबह ईरान ने घोषणा की कि होर्मुज स्ट्रेट अपनी पिछली स्थिति में लौट आया है, यानी उसने एक बार फिर इसे बंद कर दिया गया है. ईरान का कहना है कि उसने ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकाबंदी के जवाब में, इस पर होर्मुज स्ट्रेट फिर से कड़ा नियंत्रण लागू कर दिया है. इस घोषणा के बाद, कई वाणिज्यिक जहाजों ने होर्मुज से गुजरने के अपने प्रयास छोड़ दिए हैं. अब कोई भी जहाज इस मार्ग से आगे नहीं बढ़ रहा है.