70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने के बाद कोई कैसे जश्न मना सकता है… महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद शाह का विपक्ष पर हमला
Himachali Khabar: संसद में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) पास नहीं हो पाया. विपक्ष इसे अपनी जीत बता रहा है, विपक्षी खेमे में जश्न का माहौल है, तो उधर सत्ता पर पक्ष में इसे लेकर नाराजगी है. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बयान सामने आया है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए उस पर महिलाओं के साथ धोखा देने का आरोप लगाया है.

ग्रह मंत्री ने अपने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा ‘देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है?’.
देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है?
विपक्ष का यह जश्न हर उस महिला का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है। कांग्रेस और उसके सहयोगी कितनी बार महिलाओं के साथ विश्वासघात करेंगे?
कई बार विजय
— Amit Shah (@AmitShah) April 17, 2026
‘विपक्ष का यह जश्न महिलाओं का अपमान’
इसके आगे अमित शाह ने कहा कि विपक्ष का यह जश्न हर उस महिला का अपमान है, जो दशकों से अपने अधिकार का इंतजार कर रही है. उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी कितनी बार महिलाओं के साथ विश्वासघात करेंगे?. उन्होंने कहा कि कई बार विजय जैसी प्रतीत होने वाली अहंकार की खुशी, असलियत में छिपी हुई एक बड़ी पराजय होती है, जिसे कुछ लोग समझ नहीं पाते.
इसके साथ ही उन्होंने एक अन्य पोस्ट में कहा ‘आज लोकसभा में एक बेहद अजीब दृश्य देखने को मिला.कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और समाजवादी पार्टी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए आवश्यक संविधान संशोधन विधेयक को पारित नहीं होने दिया. महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले इस विधेयक को खारिज करना, इस पर जश्न मनाना और जीत का नारा लगाना वाकई निंदनीय और अकल्पनीय है.
आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है। ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
अब
— Amit Shah (@AmitShah) April 17, 2026
‘नारी शक्ति के अपमान की यह बात दूर तक जाएगी’
शाह ने कहा ‘अब देश की महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% आरक्षण नहीं मिलेगा, जो उनका अधिकार था. कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं, बल्कि बार-बार किया है. उनकी मानसिकता न तो महिलाओं के हित में है और न ही देश के हित में. केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा ‘मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी’
विपक्ष को न केवल 2029 के लोकसभा चुनावों में, बल्कि हर स्तर पर, हर चुनाव में और हर जगह ‘महिलाओं के प्रकोप’ का सामना करना पड़ेगा’.
54 वोट से गिर गया बिल
दरअसल शुक्रवार (17 अप्रैल) को महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल सरकार लोकसभा में पास नहीं करा पाई. इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था. लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई. मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले. पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े.बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी. 528 का दो तिहाई 352 होता है. इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया.