महाराष्ट्र में बेटियां असुरक्षित, CM चुनाव प्रचार में व्यस्त… पुणे की घटना पर भड़के संजय राउत, बोले- माफी मांगें मुख्यमंत्री
Himachali Khabar: पुणे में नाबालिग से रेप और हत्या का मामला गरमा गया है. लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है. इस मामले में पुलिस ने 65 साल के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. इस बीच शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत का बयान सामने आया है. उन्होंने राज्य की कानून कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हउए सरकार पर तीखा हमला किया है. उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून और सरकार का डर नहीं है.

सांसद ने कहा कि इस घटना के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो यह सरकार है.उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है,जब से सरकार सत्ता में आई है, राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं और नाबालिग लड़कियों के साथ अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही हैं.
मुख्यमंत्री पर राउत का हमला
संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि वे राज्य के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय केरल, तमिलनाडु में प्रचार में व्यस्त हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री-गृहमंत्री फडणवीस और कानून व्यवस्था राजनीति में उलझी पड़ी है. वीआईपी की सुरक्षा में व्यस्त है. सीएम एक-एक महीने तक तमिलनाडु, केरल, असम और बंगाल के विधानसभा चुनावों में जाते हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे में यहां हालात कौन संभालेगा?. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
‘सरकार को इस घटना के लिए जवाब देना चाहिए’
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में माफी मांगनी चाहिए, जैसे उन्होंने पहले एक अन्य मामले में माफी मांगी थी. उन्होंने कहा कि पीड़ित लड़की की मां भी किसी की लाडकी बहन होगी और सरकार को इस घटना के लिए जवाब देना चाहिए. उन्होंने महिलाओं और आम नागरिकों से सरकार से जवाब मांगने की अपील की, साथ ही विपक्ष से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया. इसके साथ ही पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जनता पर लाठीचार्ज क्यों किया गया. उन्होंने कहा कि इस मामले में सरकार, पुलिस और गृह विभाग की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए.
चुनावों में धन के उपयोग पर उठाए सवाल
वहीं संजय जाधव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा कि वे उस बयान से सहमत नहीं हैं, लेकिन उनकी भावनाओं को समझते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पक्ष के पास अत्यधिक धन है, जबकि विपक्ष को पर्याप्त निधि नहीं मिलती, जो लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनता के साथ अन्याय हो रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों में धन का दुरुपयोग हो रहा है और इस पर गंभीरता से विचार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के पास चुनावों में खर्च करने के लिए अत्यधिक धन है, जिसके स्रोत पर सवाल उठाना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा और कार्रवाई जरूरी है.