UP में 10 जून तक जारी होगी अंतिम वोटर लिस्ट… पंचायत चुनाव की टाइमलाइन पर उठे सवाल
Himachali Khabar: उत्तर प्रदेश में राज्य निर्वाचन आयोग की ताजा संशोधित अधिसूचना ने उत्तर प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की टाइमलाइन पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, अंतिम मतदाता सूची 10 जून 2026 को प्रकाशित होगी. इसके बाद तय समय पर चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा है. जानते हैं आयोग की तय समय-सारिणी क्या कहती है.

आयोग की समय-सारिणी के मुताबिक, 21 अप्रैल से 28 मई तक मतदाता सूची का डुप्लीकेशन हटाने व कंप्यूटरीकरण का काम होगा. 29 मई से 9 जून तक मतदान केंद्र निर्धारण, वार्ड मैपिंग, सूची फाइनलाइजेशन किया जाएगा. 10 जून को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा. उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों (ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य) का मौजूदा कार्यकाल 26 मई 2026 तक खत्म हो रहा है. ऐसे में अब यह तय माना जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव देरी से ही होंगे.
‘सपा की वजह से देरी हो रही है’
उत्तर प्रदेश के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने पंचायत चुनाव में देरी का आरोप सपा पर लगाया है. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी पंचायत की वजह से इस चुनाव में देरी हो रही है. उन्होंने बताया कि समाजवादी पार्टी ने लोगों को उकसाया है. इस वजह से हाईकोर्ट में मुकदमा दायर किया गया और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को रोका जा रहा है. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
राजभर ने 15 अप्रैल को मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार की पूरी इच्छा है कि वो चुनाव समय पर कराए. मतपत्र पहले ही छप चुके हैं, लेकिन हाई कोर्ट में लंबित याचिका के की वजह से चुनावी प्रक्रिया अटक गई है. फिलहाल ये मामला कोर्ट में चल रहा है कोर्ट का आदेश आने के बाद ही आगे बढ़ेगा. राजभर ने इनसबके पीछे की वजह सपा को बताया. उन्होंने कहा कि सपा के लोग हाईकोर्ट गए हैं और अखिलेश यादव के इशारे पर एक मुस्लिम शख्स ने याचिका दायर की.