दिल्ली में ट्रैफिक नियम हुए सख्त, 45 दिन में निपटारा नहीं तो ऑटो-एक्शन; CM रेखा ने पेश की चालान निपटारे की नई व्यवस्था

Himachali Khabar: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की है कि ट्रैफिक चालानों के निपटारे के लिए सरकार एक नई, तय समय सीमा वाली और व्यवस्थित प्रक्रिया लागू कर रही है. अब सड़क पर लापरवाही या नियमों की अनदेखी के लिए कोई गुंजाइश नहीं रहेगी. इस नई व्यवस्था में चालान से बचना संभव नहीं होगा और तय समय में उसका निपटारा हर नागरिक के लिए अनिवार्य रहेगा. यह पहल सड़क सुरक्षा, अनुशासन और डिजिटल पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. नए नियमों के तहत अब चालान को सीधे अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकेगी.

दिल्ली में ट्रैफिक नियम हुए सख्त, 45 दिन में निपटारा नहीं तो ऑटो-एक्शन; CM रेखा ने पेश की चालान निपटारे की नई व्यवस्था
दिल्ली में ट्रैफिक नियम हुए सख्त, 45 दिन में निपटारा नहीं तो ऑटो-एक्शन; CM रेखा ने पेश की चालान निपटारे की नई व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा संशोधित केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 जल्द लागू किए जा रहे हैं. अब पूरी चालान प्रक्रिया को अधिक सख्त और डिजिटल बनाया गया है.

अगर कोई व्यक्ति एक वर्ष में पांच या उससे अधिक बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसे गंभीर श्रेणी में गिना जाएगा. ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के निलंबन या अयोग्यता की कार्रवाई की जा सकेगी.

चालान जारी करने की नई प्रक्रिया

रेखा गुप्ता ने कहा कि अब चालान जारी करने की प्रणाली पूरी तरह आधुनिक होगी. पुलिस अधिकारी चालान को कागजी या इलेक्ट्रॉनिक, दोनों रूपों में जारी कर सकेंगे. कैमरों और डिजिटल निगरानी प्रणालियों की मदद से चालान स्वतः भी तैयार होंगे, जिनका चालान काटा गया है, उन्हें ऑनलाइन तीन दिनों के भीतर और भौतिक नोटिस पंद्रह दिनों के भीतर भेजा जाएगा.

सभी चालानों का रिकॉर्ड ऑनलाइन पोर्टल पर सुरक्षित रहेगा. मुख्यमंत्री ने सलाह दी कि सभी वाहन चालकों को अपने लाइसेंस और आरसी पर मोबाइल नंबर व पता सही करवा लेना चाहिए, ताकि उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े.

भुगतान या आपत्ति के लिए 45 दिन

मुख्यमंत्री के अनुसार, चालान जारी होने के बाद व्यक्ति के पास 45 दिन का समय होगा—या तो भुगतान के लिए या पोर्टल पर सबूतों सहित आपत्ति दर्ज करने के लिए. यदि 45 दिनों के भीतर कोई कदम नहीं उठाया गया, तो चालान स्वतः स्वीकृत माना जाएगा और 30 दिनों के भीतर भुगतान अनिवार्य होगा.

यदि अधिकारी द्वारा आपत्ति खारिज कर दी जाती है, तो व्यक्ति या तो 30 दिनों में पूरा भुगतान कर सकता है या चालान की राशि का 50% जमा कर मामला अदालत में ले जा सकता है.

निर्धारित समयसीमा पार होने पर चालान स्वीकार माना जाएगा, और भुगतान 15 दिनों के भीतर करना होगा, सभी आदेश 30 दिनों के भीतर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य रहेगा.

समयसीमा चूकने पर कड़ी कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि समयसीमा बीतने के बाद प्रतिदिन इलेक्ट्रॉनिक नोटिस भेजे जाएंगे. यदि चालान का भुगतान नहीं किया गया, तो व्यक्ति के नाम से जुड़े सभी वाहन संबंधी कार्य—जैसे टैक्स भुगतान, लाइसेंस नवीनीकरण या वाहन पंजीकरण—रोक दिए जाएंगे.

संबंधित वाहन को पोर्टल पर नॉट टू बी ट्रांजैक्टेड के रूप में चिह्नित किया जाएगा, और आवश्यकता पड़ने पर वाहन जब्त भी किया जा सकेगा. अब चालान वाहन के पंजीकृत मालिक के नाम पर ही जारी होगा, साथ ही एसएमएस या ईमेल के माध्यम से अपराध की सूचना दी जाएगी.

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नई प्रणाली डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेही तय करने वाली है. इससे न केवल ट्रैफिक कानूनों का पालन मजबूत होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी. उन्होंने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे नियमों का पालन करें, समय पर चालान का निपटारा करें और जिम्मेदार नागरिक बनें. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai

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