भारत भूलता नहीं है, न्याय मिल गया… पहलगाम हमले की बरसी से पहले सेना का PAK को मैसेज
Himachali Khabar: पहलगाम हमले की कल यानी बुधवार को पहली बरसी है. 22 अप्रैल 2025… यह सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक चीख है, जिसने हिंदुस्तान के कलेजे को चीर कर रख दिया था. एक ऐसा घाव जिसे वक्त की कोई भी पट्टी कभी नहीं भर पाएगी. पहलगाम की वादियों में उस दिन सुकून नहीं, मातम पसरा था. कायर आतंकियों के उस हमले ने 26 जिंदगियां खत्म कर दीं. कई घरों के चिराग बुझ गए.

पहली बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना ने ट्वीट कर बड़ी बात कही है. इंडियन आर्मी ने कहा, ‘जब इंसानियत की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो जवाब निर्णायक होता है. भारत भूलता नहीं है. न्याय मिल गया है. भारत एकजुट है.’ बता दें कि बैसरन की खूबसूरत वादियां, उस दिन अचानक चीखों और बारूद के धुएं से भर गईं. आतंकियों की गोलियां किसी धर्म या चेहरे को नहीं देख रही थीं, वे सिर्फ मौत बांट रही थीं. ye khabar aap himachali khabar me padh rhe hai
When boundaries of humanity are crossed, the response is decisive.
Justice is Served.
India Stands United.#SindoorAnniversary #JusticeEndures #NationFirst pic.twitter.com/rtgYu9Hg11
— ADG PI – INDIAN ARMY (@adgpi) April 21, 2026
चीख और बारूद से भर गई बैसरन घाटी
जिन्हें दुनिया ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ के नाम से जानती है, उस दिन वहां मौत का खौफनाक मंजर था. मौत साये की तरह पीछा कर रही थी. आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध फायरिंग की. दिल दहला देने वाली इस घटना में कई परिवार उजड़ गए. किसी का सुहाग उजड़ गया तो किसी ने अपने चराग को आंखों के सामने मरते देखा. आज भी जब उस मंजर को याद कर रूह कांप जाती है.